योगी सरकार में 25 दिन बाद भी नहीं खाली कराया गया अवैध कब्जे

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योगी सरकार में 25 दिन बाद भी नहीं खाली कराया गया अवैध कब्जे दार से मकान
पीड़ित फरियाद लेकर दर-दर रहा भटक
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मामला हरदोई शहर कोतवाली का
हरदोई, 8 जुलाई 2019 योगी सरकार में न्याय मिलना अब दुर्लभ सा हो गया है इसीलिए एक पीड़ित पत्रकार 25 दिन से अवैध कब्जेदारों से मकान कब्जा मुक्त कराने के लिए दर-दर भटकने को विवश हो गया है

पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने उपजिलाधिकारी सदर को ज्ञापन दिया, तो वही सीतापुर और लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पत्रकार पूर्ण कुमार गुप्ता बबलू के मकान को दबंगों, भू माफियाओं से खाली कराए जाने की पुरजोर मांग की ,


ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनुराग अस्थाना के निर्देश पर जिला उपाध्यक्ष खालिद हुसैन शानू ने उपजिलाधिकारी सदर राकेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा ,

एसोसिएशन के सदर तहसील अध्यक्ष रिजवान अहमद खान ने कहा कि पूर्ण कुमार गुप्ता के मकान पर अवैधकब्जे का मामला गत 13 जून से चल रहाl और अब तक अवैध कब्जेदारों से मकान मुक्त नहीं हो सका हैl प्रशासन कार्रवाई करने में आखिर संवेदनशील क्यों नहीं है ?

प्रशासन के इस ढुलमुल रवैया से उत्तर प्रदेश मैं योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही हैl ज्ञापन देने वालों में फरहान सागरी, राम मिलन यादव, विपुल मिश्रा, शक्ति मिश्रा, शोभित, शिव वर्मा, भंवर पाल, अजीत सिंह, प्रदीप, सचिन, संतोष कुमार आदि पत्रकार शामिल रहे,


इधर बीते शनिवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी से मिलने वालों में युग आधार दैनिक के संपादक सीतापुर से आए सुनील कुमार शर्मा , लखनऊ से आए मायाअवध पत्रिका के प्रधान संपादक खुर्शीद अहमद, उप संपादक एन.के गुप्ता मौजूद रहेl इससे पूर्व पीड़ित पत्रकार पूर्ण कुमार गुप्ता, एक पत्रकार संगठन के राष्ट्रीयअध्यक्ष सुरनाथ अवस्थी ने भी पुलिस अधीक्षक से मिलकर पत्रकार उत्पीड़न रोकने तथा उक्त मकान को दबंगों से खाली कराने की मांग की l,

अब आम जनमानस में चर्चा का विषय यह है कि प्रदेश सरकार जहां पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने की बात कह रही है वहीं सरकार में एक उच्च पदों पर बैठे व्यक्ति के दबाव में जिले में पत्रकार का उत्पीड़न हो रहा है,

भयमुक्त भ्रष्टाचार मुक्त सरकार में जब पत्रकार के मकान पर दबंग कब्जा करे हुए हैं, और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है तो सामान्य व्यक्ति को न्याय कैसे मिलेगा यह चर्चा का विषय है,

फिलहाल सरकार में बैठे जिले के एक बहुत महत्वपूर्ण शक्ति की शह पर हो रहे इस पत्रकार उत्पीड़न से न सिर्फ पत्रकारों में रोष है बल्कि सरकार की मंशा पर भी पानी फिर रहा हैl

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